ताजा खबर
बिहार में तो लड़ेंगी जातियां ही गिरमिटिया महोत्सव के रूप में मानेगा लोकरंग 2019 कूड़े के ढेर पर बैठी काशी ! अतिक्रमणकारी थे तो उन्हें मुआवजा क्यों
तो अब धरोहरों से मुक्त हुई भाजपा

अंबरीश कुमार 

नई दिल्ली .नब्बे के दशक में भारतीय जनता पार्टी का एक नारा चर्चा में था भाजपा के तीन धरोहर ,अटल आडवानी और मुरली मनोहर .अटल बिहारी वाजपेयी रहे नहीं .जो धरोहर पार्टी की बची हुई थी उससे पार्टी मुक्त हो गई है .अब यह पार्टी किसी की धरोहर है भी नहीं .यह मोदी अमित शाह की पार्टी है .जैसे कभी अटल आडवानी की हुआ करती थी . मंदिर आंदोलन के नायक आडवानी ,जिन्होंने पार्टी को शिखर पर पहुंचाया था उनका टिकट पार्टी ने काटकर अमित शाह को दे दिया है .आडवानी तो नब्बे पार भी है .इस फैसले के समर्थक यही तर्क भी देते हैं कि इस उम्र में उन्हें क्यों टिकट दिया जाए .ठीक तर्क है .पर जैसे कलराज मिश्र का टिकट काटने से पहले उनसे कहला लिया था कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे वैसे आडवानी से भी कहला लेते तो मंदिर आंदोलन के इस नायक की ऐसी फजीहत इस उम्र में तो न होती .आडवानी को लेकर न पार्टी में कोई सम्मान बचा है , न ही बाहर .जिन्होंने नब्बे का दशक देखा है ,राम मंदिर आंदोलन को देखा है वे ही आडवानी को ठीक से जानते भी हैं .उनका रथ आगे चलता था ,पीछे दंगा होता था .जो उन्होंने किया उसकी सजा उन्हें मोदी ने जिंदा रहते ही दे दी .पर यह सजा उन्हें मोदी के विरोध की मिली है .याद है न मोदी ने क्या कहा था ,मै चुन चुन कर बदला लेता हूं .ऐसा ही कुछ .हिसाब तो उन्होंने ले ही लिया .
 
 
बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले गोवा बैठक में आडवानी ने जो हिमाकत की थी उसका फ़ाइनल हिसाब अब पूरा हुआ है .ये आडवानी ही तो थे जिन्होंने मोदी के प्रधानमंत्री बनने के रास्ते में रोड़ा अटकाना चाहा था .नतीजा ,राष्ट्रपति भवन तक नसीब नहीं हुआ .एक चेले को भिजवा दिया पर आडवानी को नहीं ही जाने दिया .यह बात अलग है कि गुजरात का मुख्यमंत्री उन्हें इन्ही आडवानी के कहने पर बनाया गया था .वाजपेयी नहीं चाहते थे फिर भी आडवानी ने दबाव डाला .आज आडवानी ये सब याद तो कर ही रहे होंगे .ये वही आडवानी हैं जिन्होंने अटल के साथ पार्टी खड़ी की .दो सीटों पर सिमट गई पार्टी को दो सौ पार तक पहुंचाया .और आज वे खुद हाशिए पर लगा दिए गए .पार्टी के नेता डरते होंगे पर संघ को क्या हुआ है जो पार्टी के बुजुर्गों का ऐसा अपमान देख रही है .इस जोड़ी ने स्वदेशी का बाजा बजा दिया .विदेश नीति में बुरी तरह पिट चुकी है .बेरोजगारी बढ़ रही है ,महंगाई पर कोई रोक नहीं .ऐसे में संघ का नेतृत्व क्या इतना लाचार है कि हर राजनैतिक फैसले की छूट दे सकता है .
 
पचहत्तर पार नेताओं को ठीक से भी तो ठिकाने लगाया जा सकता था .पर पार्टी और सरकार ने जिस तरह अपने बुजुर्ग नेताओं की अनदेखी की है उससे कोई बहुत अच्छा संदेश तो गया नहीं है .इसके अलावा स्वदेशी की बात करने वाले संघ की किस आर्थिक नीति पर सरकार चली है .यह संघ की वह सरकार है जिसका आर्थिक नियंत्रण अडानी अंबानी के हाथ में हैं .इसी सरकार के लिए संघ के तपे तपाए प्रचारकों ने भेली भूजा खाकर देश के दूर दराज के इलाकों में कई दशक तक काम किया .आज ज्यादातर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है .सीबीआई जैसी एजंसी का मुखिया आधी रात को हटा दिया जाता है .सुप्रीम कोर्ट के जज लोकतांत्रिक सवालों पर प्रेस कांफ्रेंस करते हैं ,रिजर्व बैक नोटबंदी जैसे कदम का विरोध करता है .पर संघ का कोई नेता सवाल तक नहीं उठाता .
रफाल के सवाल पर विपक्ष ' चौकदार चोर है का नारा दे देता है .और जवाब में मोदी सभी को चौकीदार बनाने का प्रहसन करते हैं .पता नहीं संघ के किसी नेता ने अपने को चौकड़ घोषित कर मोदी का समर्थन किया या नहीं ,पर इस सरकार से संघ की साख पर भी सवाल तो खड़े ही हो गए हैं .अभी तो भाजपा अपने धरोहरों से मुक्त हुई है, इसके बाद वैचारिक धरोहर की बारी है .
 
email ईमेल करें Print प्रिंट संस्करण
  • भरत के बदले दागी,नहीं सहेगा बलिया बागी !
  • मोदी ही देश ,मोदी ही सरकार और मोदी ही पार्टी !
  • अख़बारों की लीगल रिपोर्टिंग का यह हाल !
  • पश्चिम में तो गठबंधन भारी,भाजपा की राह मुश्किल
  • छतीसगढ़ में भाजपा का रास्ता आसान नहीं
  • अतिक्रमणकारी थे तो उन्हें मुआवजा क्यों
  • साहब की 'सुरुआत' तो फीकी फीकी रही
  • अडानी के सामने बघेल भी दंडवत !
  • कमलनाथ ने ही घेरा है दिग्विजय को ?
  • बनारस में कौन होगा विपक्ष का उम्मीदवार ?
  • कूड़े के ढेर पर बैठी काशी !
  • छतीसगढ़ में आक्रामक हुई भाजपा
  • बिहार में तो लड़ेंगी जातियां ही
  • गिरमिटिया महोत्सव के रूप में मानेगा लोकरंग 2019
  • भाजपा ने हारी हुई सीटें जदयू को दी
  • तो शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस के साथ
  • प्रियंका गांधी से कौन डर रहा है ?
  • विदेश में तो बज ही गया डंका
  • साढ़े तीन दर्जन दलों की नाव पर सवार हैं मोदी !
  • यह दौर बिना सिर पैर की ख़बरों का भी है
  • Post your comments
    Copyright @ 2016 All Right Reserved By Janadesh
    Designed and Maintened by eMag Technologies Pvt. Ltd.